What is MPPSC: Kaise Bane ?Collector, DSP, Tahsildar

What is MPPSC : डिप्टी कलेक्टर, नायाब तहसीलदार या डीएसपी जैसे प्रशासनिक पदों पर पहुँचने के लिए तैयारी कैसे की जाए, यह बहुत सारे छात्रों के मन में एक महत्वपूर्ण प्रश्न होता है। यहाँ पर हम इस प्रकार के पदों की प्रक्रिया और तैयारी के बारे में चर्चा करेंगे।

इन पदों पर पहुँचने के लिए आवेदक को संघर्ष करना पड़ता है। सभी प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश प्राप्त करने के लिए आवेदकों को उच्च स्तरीय परीक्षाओं और इंटरव्यू का सामना करना पड़ता है। ये परीक्षाएं आवेदकों के ज्ञान, कौशल, और योग्यता को मापने के लिए होती हैं।

प्रशासनिक सेवाओं में पहुँचने के लिए आवेदकों की उम्र और शैक्षिक योग्यता का भी महत्वपूर्ण अध्ययन होता है। सामान्यतः 12वीं पास होने के बाद भी तैयारी शुरू की जा सकती है, लेकिन इसके लिए अच्छे से तैयारी की आवश्यकता होती है।

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एमपीपीएससी (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) एक प्रमुख संगठन है जो प्रदेश के लिए विभिन्न प्रशासनिक पदों की भर्ती का कार्य करता है। इसकी परीक्षाओं की तैयारी में धैर्य और नियमित अभ्यास करने की आवश्यकता होती है।

आवेदकों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए उचित तैयारी और प्रतिबद्धता के साथ इन परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए।
इस पद के लिए क्वालिफिकेशन क्या होता है, फिर आपको पता होना चाहिए कि प्रीलिम्स, मेंस, इंटरव्यू और फाइनल सिलेक्शन की प्रक्रिया कैसी होती है। इसमें सिलेबस काफी बड़ा होता है और अलग-अलग पार्ट्स और यूनिट्स होते हैं। आज के पोस्ट में हम जानेंगे कि एमपीपीएससी का सिस्टम कैसा होता है।

एमपीपीएससी के लिए कौन-कौन से पद होते है ?

सबसे पहले हम जानते हैं कि एमपीपीएससी के एग्जाम में कौन-कौन से पद प्राप्त किए जा सकते हैं। लगभग 30 से अधिक पद होते हैं जो अलग-अलग विभागों में होते हैं। भारत में सबसे बड़ी परीक्षा यूपीएससी की होती है, जिससे आप आईपीएस अफसर या अन्य सेवाओं में जा सकते हैं। इसके बाद राज्य सरकार के बड़े प्रशासनिक पदों पर आवेदन किया जा सकता है, जैसे कि डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, डिप्टी रजिस्ट्रार, कमर्शियल टैक्स ऑफिसर, नायाब तहसीलदार, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, जनपद पंचायत के म्युनिसिपल ऑफिसर, लेबर ऑफिसर इत्यादि।

आयु की सीमा क्या होनी चाहिए ?

इस पद के लिए आवेदन करने के लिए आयु सीमा क्या होती है। आयु की सामान्य सीमा 21 से 40 वर्ष होती है, लेकिन अलग-अलग वर्गों के लिए आयु में छूट होती है। महिलाओं के लिए आयु में 5 वर्ष की छूट होती है, और अन्य वर्गों के लिए भी छूट होती है। जैसे ST,SC ,OBC के लिए भी 5 वर्ष की छूट होती है।

शैक्षणिक योग्यता क्या होना चाहिए ?

इस पद के लिए क्वालिफिकेशन सिर्फ़ ग्रेजुएशन होता है। अगर आपका ग्रेजुएशन कंप्लीट हो गया है, तो आप योग्य हैं। आपके ग्रेजुएशन की किसी विशेष विषय या परसेंटेज का कोई मतलब नहीं होता है, सिर्फ़ आपका ग्रेजुएशन कंप्लीट होना चाहिए।

परीक्षा की तैयारी कैसे करे ?

आप इस परीक्षा की तैयारी कैसे कर सकते हैं। यह परीक्षा तीन चरणों में होती है( प्रीलिम्स, मेन्स, और इंटरव्यू )।

प्रीलिम्स परीक्षा 400 अंकों की होती है, जो कि दो सेक्शन में विभाजित होती है। इसके बाद, मेन्स परीक्षा होती है, जिसके परिणामों के आधार पर इंटरव्यू का चयन होता है। इंटरव्यू के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट बनती है और पदों का बटवारा होता है।

प्रीलिम्स और मेन्स परीक्षा में आपको 100-100 प्रश्नों का 2 सेट में पूरा करना होता है, जो कि 2 घंटे के लिए होती हैं। इन परीक्षाओं को पार करना आवश्यक होता है, और ये क्वालीफाइंग होती हैं।

इस परीक्षा का पहले पेपर के बारे में बात करते हैं। यह प्रीलिम्स होती है और इसमें दो सेक्शन होते हैं। आपको किसी भी विशेष विषय में सामान्य अध्ययन या जनरल स्टडीज के सभी विषयों पर प्रश्न मिलते हैं।

इस पेपर में इतिहास, भूगोल, राजनीति, विज्ञान, कम्प्यूटर, अर्थशास्त्र, मध्य प्रदेश के करंट अफेयर्स, भारत, आईटी, और जी.के. सभी महत्वपूर्ण विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। इस पेपर में कुल 100 प्रश्न होते हैं जिनके लिए 200 अंक दिए जाते हैं। आपके पास 2 घंटे का समय होता है इस पेपर को समाप्त करने के लिए।

फिर बात आती है दूसरे पेपर की, जिसे पार्ट बी भी कहा जाता है। इसमें मैथ्स, रीजनिंग, और हिंदी के प्रश्न होते हैं। इस पेपर को भी 2 घंटे के लिए दिया जाता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि हिंदी और अंग्रेज़ी माध्यम दोनों के लिए है, लेकिन हिंदी माध्यम के छात्रों को समझने के लिए कोई इंग्लिश का टेस्ट नहीं दिया जाता।

जब आप प्रीलिम्स पारित कर लेते हैं, तो आपको मेन्स परीक्षा के लिए बुलाया जाता है। इसमें कुल छह पेपर होते हैं, जैसे कि इतिहास, भूगोल, राजनीति, विज्ञान, तकनीकी, और हिंदी भाषा। इन पेपरों में आपको 3 घंटे का समय मिलता है और प्रत्येक पेपर के अंत में आपको पूरी जानकारी देनी होती है।

अब इस परीक्षा के अंदर आपको अलग-अलग यूनिट्स मिलते हैं। जैसे कि हिस्ट्री में पांच यूनिट्स हैं और भूगोल में भी पांच यूनिट्स होते हैं। इनमें से प्रत्येक यूनिट के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित होते हैं, और आपको प्रत्येक यूनिट के लिए एक समय सीमा मिलती है। इसके साथ ही, मैंस परीक्षा में आंसर राइटिंग का तकनीकी तरीके से बड़ा महत्व होता है। इसलिए, इसे बड़े ध्यान से तैयारी करना चाहिए।

फिर, आता है दूसरा पेपर, जो फिर से वही सिस्टम होता है। इस पेपर में पोलिटिक्स, इकोनॉमिक्स, और सोशियोलॉजी शामिल होती हैं। अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र भी इसका हिस्सा होते हैं। यहाँ भी इन विषयों के पांच-पांच यूनिट्स होते हैं।

फिर आता है पेपर नंबर तीन, जिसमें साइंस और टेक्नोलॉजी होता है। यह पेपर 3 घंटे का होता है और 300 नंबर का होता है। इस पेपर में एथिक्स के प्रश्न भी होते हैं।

पेपर नंबर फाइव होता है, जिसमें सामान्य हिंदी और व्याकरण, और हिंदी निबंध और पत्र लेखन होते हैं। ये सभी पेपर और विषय ध्यानपूर्वक व्यवस्थित होते हैं।

आपका तीसरा चरण होता है, जो इंटरव्यू का होता है। यहाँ पर आपके 175 मार्क्स होते हैं और इसकी तैयारी भी विनर को इंस्टीट्यूट में बड़े अच्छे तरीके से की जाती है।

अब आपका फाइनल सिलेक्शन किस आधार पर होगा, यह आपके 1400 नंबर के मेन्स, 175 नंबर के इंटरव्यू, और अन्य क्रिटीरिया पर निर्भर करेगा। यहाँ पर महत्वपूर्ण है कि प्रीलिम्स केवल क्वालीफाइंग होता है, लेकिन आपके लिए जितने अधिक मार्क्स होंगे, उतना ही अच्छा होगा।

कब से शुरू करनी चाहिए तैयारी ?

आजकल जब अवेयरनेस इतनी ज्यादा हो चुकी है और कंपटीशन इतना बढ़ गया है, तो यह सोचना कि आप 1 साल या 1.5 साल पहले से ही इसकी तैयारी करें।

सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए, आजकल लोग अपनी प्रिपरेशन पर बहुत ध्यान देते हैं। एमपीपीएससी, यूपीपीएससी इन परीक्षाओं के सिलेबस को पूरा करने में लगभग डेढ़ साल लगते हैं।

प्रिपरेशन में अतिरिक्त प्रैक्टिस करने की आवश्यकता होती है। लगभग 1 से 2 साल तक लोग इस लिए प्रिपेयर होते हैं। यह एक ऐसा ट्रेंड है कि 12वीं के बाद ही या फिर 10वीं के बाद ही बच्चे इस प्रिपरेशन में जा रहे हैं।

सिलेबस बहुत विस्तृत होने के कारण, आपको अच्छी तरह से तैयारी करने में समय लगता है। आशा है कि आपको समझ में आ गया होगा कि पूरे प्रक्रिया को समझने में कितनी मेहनत लगती है।

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निष्कर्ष

हमने देखा कि सिविल सेवाओं की तैयारी की प्रक्रिया और व्यावसायिक दृष्टिकोण क्या होता है। इसके लिए सही समय समझना और उसके अनुसार काम करना महत्वपूर्ण है। विभिन्न पदों और पदाधिकारियों के रूप में सिविल सेवाओं में अपनी उपस्थिति बनाने के लिए, सही तैयारी का चुनाव करना और उस पर पूरी तरह से काम करना आवश्यक है।

इस प्रकार की तैयारी के लिए उचित गाइडेंस और सहारा प्राप्त करने के लिए आधुनिक शिक्षा केंद्रों से लेना महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के समर्थन से, छात्र अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आत्म-विश्वास से सम्मानित होते हैं।
बाकी, जो पद, जो रुतबा, जो पैसा, जो सैलरी है, वो सब हमें बताने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सब कुछ है जो सबसे अधिक आकर्षित करता है।
बड़े बुजुर्ग हमेशा बच्चों को कहते थे कि इसको ऑफिसर बनाना है, इसको कलेक्टर बनाना है, इसको तहसीलदार बनाना है।

MPPSC में किस प्रकार की नौकरी है?

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग मध्य प्रदेश राज्य सेवा परीक्षा आयोजित करती है ताकि विभिन्न पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों की भर्ती की जा सके, जैसे कि उप जिला अध्यक्ष, जिला पंजीकरणाधिकारी, वाणिज्यिक, कर अधिकारी, उप पुलिस महानिदेशक, इत्यादि।

MPPSC का मतलब क्या होता है?

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग।

MPPSC के लिए क्पात्रता मानदंड क्या है?

ग्रेजुएशन या किसी विश्वविद्यालय से डिग्री। 21 वर्ष या उससे अधिक आयु होना। यदि एक समूहीन पद के लिए आवेदन किया जा रहा है, तो आपकी आयु 33 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती है। अन्य पदों के लिए, आयु सीमा 40 है।

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